Book Details

book
₹ 399
  • Delivery Only India
  • Status: In Stock

Veer Samrat aur Abhadra Ka Yudhha : Veer Samrat Series Part - 3

  • book
    Written byHarsh Aryan
  • Book TitleVeer Samrat aur Abhadra Ka Yudhha : Veer Samrat Series Part - 3

BUY NOW

Get your copy today with fast delivery

Book Details

ISBN: 978-8169940092

Publisher: Authors Tree Publishing

Pages: 430

Language: Hindi

Price

Paperback MRP: Rs. 499/-

SAVE Rs. 100/-

Rs. 399/-

Shipping: Free

Additional Details

Category: Fiction

Delivery Time: 6 to 9 working days

About the Book

आर्यनगर के छिपे हुए वंश एक बार फिर जागृत होने लगे हैं। वर्षों पहले कालवंश के आगमन को लेकर की गई भविष्यवाणी अब धीरे-धीरे साकार होने लगी है— “जब काल पुनः लौटेगा, तब अग्नि पुनः जागेगी। जब रक्तचंद्र आकाश को ग्रस लेगा, तब अग्निधर की संतानें फिर उठेंगी।”

दीपावली की एक सर्द रात, जब वीरोंतम ने अग्निरूद्र के साथ जगमगाते आर्यनगर के ऊपर उभरते काले अर्धचंद्र और रक्तिम नेत्र को देखा, तो उसके मन में अनगिनत प्रश्न उठ खड़े हुए। परंतु उसके पूछने पर भी अग्निरूद्र ने उस रहस्यमयी संकेत का रहस्य प्रकट नहीं किया। वह केवल इतना जानते थे कि यह निशाचर वंश के लौटने का संकेत था।

उधर एक वर्षा-भरी रात में नागवंश महाराज देवेंद्र के स्वप्न में प्रकट होकर आने वाले समय की भयावह घटनाओं का संकेत देते हैं, पर उनके पीछे का स्पष्ट कारण नहीं बताते। पूरे आर्यावर्त में यह चर्चा फैल चुकी है कि कालवंश का रक्तचंद्र एक बार फिर सबको काल के जाल में फँसाने के लिए उदित होने वाला है।

वीरोंतम को अब विश्वास हो चुका है कि अभद्र, आर्यनगर के विरुद्ध होने वाले निर्णायक युद्ध के लिए प्राचीन अग्निवंश को अपने पक्ष में करने का प्रयास कर रहा है। इसलिए वह अभद्र से पहले अग्निवंश तक पहुँचने के अभियान पर निकल पड़ता है।

पर जैसे-जैसे उसका प्रत्येक कदम उसे सत्य के निकट ले जाता है, वैसे-वैसे एक ऐसा रहस्य उसके सामने आकार लेने लगता है, जो उसके भाग्य को हमेशा के लिए बदल सकता है। अभद्र के विरुद्ध इस निर्णायक युद्ध में वीरोंतम को इन शक्तिशाली वंशों और अपने सभी सच्चे मित्रों की आवश्यकता है। लेकिन जैसे-जैसे वह अग्निवंश के निकट पहुँचता है, अग्निरूद्र उसे उसकी तकदीर से सामना करने के लिए निशाचर वंश से सावधान रहने की चेतावनी देते हैं...

About the Author

Harsh Aryan

हर्ष आर्यन एक लेखक और वेब डेवलपर हैं। उन्होंने BCA (Bachelor of Computer Applications) की पढ़ाई पूरी की है। तकनीकी क्षेत्र से जुड़े होने के साथ-साथ उन्हें साहित्य और लेखन में भी खास रुचि है। उनके लिए लेखन अपनी कल्पनाओं, भावनाओं और विचारों को शब्दों में व्यक्त करने का एक माध्यम है।

साल 2018 में उनके मन में 'वीर सम्राट' की कहानी का पहला विचार आया। उस समय यह सिर्फ एक विचार था, जो धीरे-धीरे उनके मन में एक कहानी का रूप लेने लगा। करीब छह साल तक यह कहानी उनके मन में बनी रही, लेकिन इसे लिखने के लिए उन्हें एक ऐसी प्रेरणा की जरूरत थी, जो इस कहानी के पात्रों और भावनाओं को एक नया रंग दे सके। आखिरकार, साल 2024 में उन्हें वह प्रेरणा मिली।

उस प्रेरणा ने 'वीर सम्राट' की कहानी को एक नई दिशा दी और इसी से कहानी के एक खास पात्र को भी आकार मिला। यहीं से 'वीर सम्राट' को लिखने का सिलसिला शुरू हुआ और जो कहानी इतने वर्षों से उनके मन में थी, वह धीरे-धीरे कागज़ पर उतरने लगी।

'वीर सम्राट' श्रृंखला की पहली किताब 'वीर सम्राट (भाग–1)' 28 अगस्त 2024 को भारत में प्रकाशित हुई। इसके बाद इस कहानी का सफर आगे बढ़ता रहा और अब 'वीर सम्राट और अभद्र का युद्ध' इस श्रृंखला की तीसरी किताब है।

“उम्मीद है कि 'वीर सम्राट और अभद्र का युद्ध' का यह रोमांच से भरा सफर आपको पसंद आएगा और आप इस कहानी की दुनिया, इसके किरदारों और इसके संघर्षों से उसी तरह जुड़ पाएंगे, जिस तरह लेखक इससे जुड़े हैं।”

हालाँकि, 'वीर सम्राट' की कहानी अभी खत्म नहीं हुई है। इस किताब के बाद भी इसे लिखने का सिलसिला जारी है और आने वाले समय में इस रोमांचक श्रृंखला की कहानी आगे बढ़ती रहेगी।

 Chat with Us