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Mai Desh Nahi Jhukane Dunga !
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Written byAnil Gupta - Book TitleMai Desh Nahi Jhukane Dunga !
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ISBN: 978-8169940085
Publisher: Authors Tree Publishing
Pages: 148
Language: Hindi
MRP: Rs. 299/- SAVE Rs.50
Offer Price: Rs. 249/-
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Category: Motivational / Social Science
Delivery Time: 6 to 9 working days
About the Book
“यह देश सिर्फ मिट्टी का टुकड़ा नहीं, बल्कि 140 करोड़ दिलों की धड़कन, बलिदानों की अमर गाथा और हमारी पहचान है।”
राष्ट्र की महानता केवल उसकी सीमाओं, सैन्य शक्ति या आर्थिक उपलब्धियों से नहीं, बल्कि नागरिकों के देशप्रेम, समर्पण और आत्मसम्मान से तय होती है।
“मैं देश नहीं झुकने दूँगा” हर उस भारतीय के संकल्प की आवाज़ है, जो भारत के गौरव और स्वाभिमान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
यह पुस्तक देश के वीरों के बलिदान, गौरवशाली इतिहास, सैनिकों के त्याग, वैज्ञानिकों के समर्पण और गुमनाम नायकों की शौर्यगाथाओं को सामने लाती है।
साथ ही, यह आज के युवाओं और हर नागरिक को अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक होने का आह्वान करती है। पुस्तक यह संदेश देती है कि देश को मजबूत बनाना केवल सरकार या सेना की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है।
आइए, एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में संकल्प लें कि हम अपने हिस्से के भारत को कभी झुकने नहीं देंगे।
— अनिल कुमार गुप्ता
(एम. ए., बी. एड.)
“देश का गौरव केवल इतिहास से नहीं बनता...
हर नागरिक के संकल्प से बनता है।”
About the Author
Anil Gupta
अनिल कुमार गुप्ता मूल रूप से बाबा गोरक्षनाथ की पावन धरती, गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) के निवासी हैं। वे ‘एस. एस. वात्सल्य एकेडमी’ विद्यालय के प्रबंधक एवं समर्पित शिक्षक हैं। शिक्षा और राष्ट्र-सेवा को अपना जीवन-ध्येय मानने वाले अनिल जी का सपना भारत को पुनः ‘विश्वगुरु’ और एक अत्यंत शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में स्थापित देखना है। देश के युवाओं को सही दिशा दिखाने और उनमें राष्ट्र-प्रेम की भावना जगाने के उद्देश्य से ही उन्होंने इस पुस्तक की रचना की है।
यह पुस्तक उनके पूज्य पिता स्व. संत प्रसाद गुप्ता एवं माता स्व. सीमिरता देवी, युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य एवं वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा जी के चरणों में, तथा महान राष्ट्र भारत को सहर्ष समर्पित है। इस लेखन यात्रा में निरंतर संबल और हिम्मत देने का श्रेय वे अपनी धर्मपत्नी को देते हैं।
साहित्य में रुचि रखने वाले अनिल जी समय-समय पर कविताएँ और विचारशील लेख लिखते रहते हैं। “मैं देश नहीं झुकने दूंगा” उनकी प्रकाशित होने वाली पुस्तक है। इसके अतिरिक्त, उनकी एक अन्य पांडुलिपि “संयुक्त परिवार” भी शीघ्र ही पाठकों के बीच होगी।
“वे समस्त पाठकों के स्नेह, मार्गदर्शन और आशीर्वाद के आकांक्षी हैं।”

