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Letters To My Mom
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Written byVarun Shah - Book TitleLetters To My Mom
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ISBN: 978-8169940108
Publisher: Authors Tree Publishing
Pages: 168
Language: Hindi
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Offer Price: Rs. 249/-
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Category: Novel / Fiction / True Events
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About the Book
जब हम अपने जीवन की सबसे प्रिय व्यक्ति को खो देते हैं, तब संसार अचानक निस्तब्ध हो जाता है। उस निस्तब्धता में अनगिनत प्रश्न छिपे होते हैं, असंख्य शिकायतें दबी होती हैं और ऐसी न जाने कितनी बातें रह जाती हैं जो कभी कही ही नहीं जा सकीं।
अधिकांश लोग उन अधूरी बातों को अपने भीतर दबाकर जीना सीख लेते हैं, किन्तु रवि के लिए यह मौन असहनीय था। ‘लेटर्स टू माई मॉम’ केवल कागज़ पर लिखे गए शब्दों का संग्रह नहीं है; यह एक पुत्र के हृदय की धड़कनों का दस्तावेज़ है।
रवि ने अपनी माँ में ही ईश्वर का स्वरूप देखा था। उसके लिए माँ का जाना केवल एक व्यक्ति का बिछुड़ना नहीं था, बल्कि उसके समूचे विश्वास का बिखर जाना था। ये पत्र उसी टूटे हुए विश्वास को फिर से जोड़ने का एक विनम्र प्रयत्न हैं।
आज के डिजिटल युग में, जहाँ भावनाएँ अक्सर व्हाट्सऐप स्टेटस और सोशल मीडिया की चंद पंक्तियों में सिमटकर रह जाती हैं, ये पत्र हमें पुनः उस आत्मीय संसार में ले जाते हैं, जहाँ हृदय की सच्ची अनुभूति कागज़ और कलम के माध्यम से अभिव्यक्त होती है।
इन पत्रों में रवि का आक्रोश है, उसका पश्चाताप है, उसकी गहन एकाकी पीड़ा है और सबसे बढ़कर अपनी माँ के प्रति उसका अटूट, निष्कलुष प्रेम है।
इस कठिन यात्रा में रवि के साथ एक अडिग सहारे की तरह खड़ी रहने वाली पूजा ने जब इन पत्रों को पढ़ा, तब उसे अनुभव हुआ कि यह केवल एक परिवार की कहानी नहीं है। यह उन सभी लोगों की कहानी है जिन्होंने कभी न कभी अपने किसी प्रियजन को खोया है।
ये पत्र हर उस बेटे और बेटी के लिए हैं, जो अपनी माँ से बहुत कुछ कहना चाहते हैं, परन्तु किसी कारणवश कह नहीं पाते। पुस्तक के पन्ने पाठक को उन भावनाओं के करीब ले जाते हैं जिन्हें अक्सर शब्दों में व्यक्त करना कठिन होता है।
आशा है, जब आप इस पुस्तक के पृष्ठ पलटेंगे, तब आपको भी किसी अपने की स्नेहिल उपस्थिति का स्पर्श महसूस होगा। संभव है कि किसी पत्र को पढ़ते समय आपकी आँखें भी नम हो जाएँ; और यदि ऐसा होता है, तो समझिए कि रवि के इन पत्रों का उद्देश्य पूर्ण हो गया।
“क्योंकि प्रेम कभी मरता नहीं।
वह केवल शब्दों का रूप धारण करके अमर हो जाता है।”
About the Author
Varun Shah
वरुण शाह एक संवेदनशील और भावनात्मक लेखक हैं, जिनकी लेखनी रिश्तों, प्रेम, परिवार और जीवन के अनकहे अनुभवों को शब्द देने का प्रयास करती है। उन्होंने लेखन की शुरुआत लगभग एक वर्ष पहले की और बहुत कम समय में अपने मन की भावनाओं को कहानी और साहित्य के माध्यम से व्यक्त करने की दिशा में आगे बढ़े।
उनके लेखन की सबसे बड़ी प्रेरणा उनकी माँ हैं। माँ के साथ जुड़े प्रेम, स्मृतियों और अधूरे संवादों ने उन्हें इस पुस्तक को लिखने के लिए प्रेरित किया। वहीं, उनके जीवन में मौजूद एक खास शख्स ने उनके विचारों और भावनाओं को एक नई गहराई देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
“लेटर्स टू माय मॉम” केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि एक बेटे द्वारा अपनी माँ के प्रति व्यक्त किया गया प्रेम, स्मृतियाँ, संघर्ष और वे तमाम भावनाएँ हैं, जिन्हें शब्दों में कह पाना हमेशा आसान नहीं होता। यह पुस्तक उस रिश्ते को समर्पित है, जो माँ के इस संसार में न होने के बाद भी कभी समाप्त नहीं होता।
वरुण शाह वर्तमान में अहमदाबाद, गुजरात से जुड़े हुए हैं और लेखन को अपने जीवन की भावनाओं को अभिव्यक्त करने का माध्यम मानते हैं।
उनकी आगामी पुस्तक “लेटर्स टू हर” रिश्तों, प्रेम और जीवन की उन भावनात्मक परतों को शब्द देने का एक और प्रयास होगी, जो अक्सर हमारे भीतर रह जाती हैं।

