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Chand, Nadi aur Mai

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    Written byPayal Sonwani
  • Book TitleChand, Nadi aur Mai

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ISBN: 978-93-47208-XX-X

Publisher: Authors Tree Publishing

Pages: 60

Language: Hindi

MRP: Rs. 199/- SAVE Rs.44

Offer Price: Rs. 155/-

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Category: Poetry

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About the Book

“चाँद, नदी और मैं” युवा कवयित्री पायल सोनवानी की एक भावपूर्ण हिंदी काव्य-कृति है, जो प्रकृति और मानवीय संवेदनाओं के अद्भुत संगम को सरल, सहज और आत्मीय शब्दों में प्रस्तुत करती है।

इस काव्य-संग्रह में चाँद, नदी, मौसम और सफर जैसे प्राकृतिक प्रतीकों के माध्यम से जीवन के अनेक भावों—अधूरापन, उम्मीद, बदलाव, आत्मखोज, प्रेम, खामोशी और संघर्ष—को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ अभिव्यक्त किया गया है।

पुस्तक को चार सुंदर भागों—‘चाँद’, ‘नदी’, ‘मौसम’ और ‘सफर’—में विभाजित किया गया है। प्रत्येक खंड जीवन के अलग-अलग अनुभवों और मन की गहराइयों को उजागर करता है। कहीं अधूरे सपनों की टीस है, तो कहीं बहती नदी की तरह आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा।

सरल, प्रभावशाली और हृदयस्पर्शी भाषा इस पुस्तक की सबसे बड़ी विशेषता है। प्रत्येक कविता पाठक को अपने भीतर झाँकने, प्रकृति को नए दृष्टिकोण से देखने और अपने अनुभवों से जुड़ने का अवसर देती है।

यह पुस्तक केवल कविताओं का संग्रह नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के लिए एक भावनात्मक यात्रा है जिन्होंने कभी खामोशी को सुना हो, चाँद से बातें की हों, नदी के साथ बहना चाहा हो या जीवन के सफर में स्वयं को खोजने की कोशिश की हो।

"चाँद, नदी और मैं" एक ऐसा काव्य-अनुभव है जो पाठकों को संवेदनाओं, प्रकृति और आत्मचिंतन की सुंदर दुनिया में ले जाकर जीवन को नए दृष्टिकोण से महसूस करना सिखाता है।

"कुछ सफर मंज़िल तक नहीं पहुँचते...
वे हमें खुद से मिलवा देते हैं।"

About the Author

Payal Sonwani

पायल सोनवानी

जन्म : 2008
महामाया नगर, बिरकोना, छत्तीसगढ़

पायल सोनवानी एक नई सोच और गहरे एहसासों के साथ लिखने वाली युवा लेखिका हैं, जो अपने शब्दों में सादगी, संवेदनशीलता और सच्चाई को स्थान देती हैं।

उनकी लेखनी में प्रकृति और जीवन के अनुभवों का अनोखा संगम देखने को मिलता है—जहाँ चाँद अधूरा होकर भी रोशनी देता है और नदी बहते हुए भी अपने भीतर अनगिनत भावनाओं को समेटे रहती है। उनकी रचनाएँ पाठकों को प्रकृति, जीवन और आत्मचिंतन से जोड़ने का प्रयास करती हैं।

"चाँद, नदी और मैं" उनकी प्रथम पुस्तक है, जिसमें उन्होंने उन भावनाओं को शब्दों का रूप दिया है जिन्हें अक्सर हम महसूस तो करते हैं, लेकिन व्यक्त नहीं कर पाते।

“इनकी कविताएँ सिर्फ पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि महसूस करने के लिए हैं। पायल का मानना है कि हर इंसान के भीतर एक कहानी होती है—बस उसे समझने और स्वीकार करने की आवश्यकता होती है।”

E-mail
payalsonwani86@gmail.com

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